किराएदार रख रहे हैं या पंगेबाज
मेट्रों शहरों में निरंतर परिवार छोटे होेते जा रहे हैं जबकि घर बड़े। इन में कोई रहने वाला तक नहीं होता। ऐसी स्थित में घर को किराए पर दे दिया जाता है। घर किराए पर देना जहां किराएदार के लिए आशियाने की तलाश पूरी करता है तो वहीं मकान मालिक के लिए यह कमाई का जरिया भी बनता है। हालांकि घर किराए पर देना तो सरल होता है लेकिन कभी-कभी किराएदार से इसे खाली कराना बेहद मुश्किल। इसलिए घर किराए पर देने से पहले सारे जरूरी पहलुओं पर गौर कर लेना चाहिए।
बैकग्राउंड वेरिफिकेशन
घर रेंट पर देने से पहले किराएदार का बैकग्राउंड व उससे जुड़ी सारी जानकारी व डाक्यूमेंट्स की जांच कर लेनी चाहिए। इसके तहत आप किराएदार से रेफरेंस सिर्टफिकेट भी मांग सकते हैं। साथ पर्मानेंट एड्रेस व कांटेक्ट नंबर लेना भी जरूरी है। क्योंकि यह वक्त आने पर आपके बहुत काम आ सकता है। साथ ही इस कड़ी में किराएदार द्बारा उपलब्ध कराए गए डॉक्युमेंट्स को अच्छी तरह से चेक कर लें।
इस सबके बावजूद इस कड़ी का एक और महत्वपूर्ण बिंदु है, जिसके अनुसार पुलिस से भी वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। ध्यान रहे किरायेदार से मकान खाली करवाने में लोकल पुलिस आपका सहयोग तभी कर सकती है जब वह किरायेदार किसी संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा हो या कोर्ट के आदेश होने पर ही।
इस सबके बावजूद इस कड़ी का एक और महत्वपूर्ण बिंदु है, जिसके अनुसार पुलिस से भी वेरिफिकेशन करवाना जरूरी है। ध्यान रहे किरायेदार से मकान खाली करवाने में लोकल पुलिस आपका सहयोग तभी कर सकती है जब वह किरायेदार किसी संदिग्ध या गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ा हो या कोर्ट के आदेश होने पर ही।
डाक्यूमेंटेशन भी जरूरी
अगर आप कुछ महीनों के लिए प्रॉपर्टी किराये पर दे रहे हैं तो पुलिस वेरिफिकेशन फॉर्म के साथ किराएदार की फोटो, उसके डॉक्यूमेंट्स की कॉपी जैसे पैन कार्ड, लीज अग्रीमेंट और एड्रेस प्रूफ नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा करवाने जरूरी होते हैं। साथ ही 11 महीनों से अधिक के लिए प्रॉपर्टी किराए पर देने पर आपको लीज अग्रीमेंट देना पड़ता है। इस दस्तावेज में एग्रीमेंट की अवधि, खाली न करने पर किराएदार पर लगने वाला जुर्माना आदि जानकारियां दी जाती हैं।
नियम-कानून
मकान मालिक और किराएदार के बीच के संबंध किराएदारी कानूनों के तहत होते हैं। इन कानूनों में प्रावधान हैं कि मकान मालिक कब-कब मकान खाली करवा सकता है। सामान्य रूप से किराएदार शर्तों का पालन करता है। मकान मालिक को स्वयं अथवा अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए मकान की जरूरत नहीं है तो वह किराएदार से मकान खाली नहीं करवा सकता है। लेकिन ऐसा कोई कानून नहीं है कि किराएदार से मकान मालिक मकान खाली न करवा सकता हो।
समय पर किराया अदा न करना
अवधि पूरी होने के साथ-साथ किराया न देने या अवैध गतिविधयों में लि’ होने के आधार पर किराएदार को मकान छोड़ने के लिए कह सकते हैं। आपकी प्रॉपर्टी के किसी हिस्से में बिना आपकी मर्जी के बदलाव करने पर भी किरायेदार को घर छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। अगर किरायेदार ज्यादा ही अड़ियल हो तो उसके सभी डॉक्यूमेंट्स लेकर इन मामलों के निपटारे के लिए अथॉरिटी की शरण में जा सकते हैं।
कोर्ट की भूमिका
अगर कोई भी पक्ष स्टेट अथॉरिटी के फैसले से असंतुष्ट हो तो वह सिविल कोर्ट की शरण में जा सकता है। कितने समय में फैसला हो जाएगा, इन मामलों में यह कहना बहुत मुश्किल है। सिविल कोर्ट से भी निराशा हाथ लगने पर हाई कोर्ट में अपील की जा सकती है। इतना जरूर ख्याल रखें कि बल के प्रयोग से मकान खाली करवाने की कोशिश आपके ही केस को कमजोर कर सकती है क्योंकि यह गैर-कानूनी है। इसलिए ऐसा कोई कदम न उठाएं।
एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कि यदि मकान मालिक को मकान की आवश्यकता है तो किराएदार को उसे खाली करना ही पड़ेगा। किराएदार यह तय नहीं कर सकता कि जो हिस्सा मकान मालिक के पास है वह उसके रहने के लिए पर्याप्त है।
एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कि यदि मकान मालिक को मकान की आवश्यकता है तो किराएदार को उसे खाली करना ही पड़ेगा। किराएदार यह तय नहीं कर सकता कि जो हिस्सा मकान मालिक के पास है वह उसके रहने के लिए पर्याप्त है।
मकान मालिक निम्न कारणों से मकान खाली कराने का अधिकारी होता है-
- -यदि किराएदार ने पिछले चार से छह माह से किराया अदा नहीं किया हो।
- - किराएदार ने जानबूझ कर मकान को नुकसान पहुंचाया हो।
- - किराएदार ने मकान मालिक की लिखित स्वीकृति के बिना मकान या उस के किसी भाग का कब्जा किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दिया हो।
- - यदि किराएदार मकान मालिक के हक से इनकार कर दिया हो।
- - किराएदार मकान का उपयोग किराए पर लिए गए उद्देश्य के अलावा अन्य कार्य के लिए कर रहा हो।
- - यदि किराएदार को मकान किराए पर किसी नियोजन के कारण दिया गया हो और किरायेदार का वह नियोजन समाप्त हो गया हो।
- - किराएदार ने जिस प्रयोजन के लिए मकान किराये पर लिया हो पिछले छह माह से उस प्रयोजन के लिए काम में न ले रहा हो।






